
जनपद मिर्जापुर पुलिस_स्मृति_दिवस पर पुलिस लाइन प्रांगण में IG_Range_Mirzapur “आर.पी. सिंह” व सोमेन_बर्मा SSP_Mirzapur की उपस्थिति में पुलिस व पीएसी के अधिकारी/कर्मचारीगण द्वारा कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि

पुलिस अधीक्षक ने पुलिस स्मृति दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत 21 अक्टूबर 1959 को हुई थी। उस दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सेना के हमले में सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हो गए थे। यह घटना तब हुई जब भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त कर रही भारतीय टीम पर चीनी सैनिकों ने अचानक गोलीबारी कर दी थी। मिर्जापुर पुलिस लाइन में मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कर्तव्य की राह में प्राणों की आहुति देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने इस अवसर पर कहा कि “हमारे शहीद साथियों ने देश की सुरक्षा और समाज की शांति के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। उनकी वीरता और बलिदान सदा हमारा मार्गदर्शन करेंगे।” कार्यक्रम में सेनानायक 39वीं वाहिनी पीएसी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन मनीष कुमार मिश्र, सभी क्षेत्राधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। यह दिन केवल शहीदों के स्मरण का नहीं, बल्कि उस शपथ का भी प्रतीक था जिसमें “कर्तव्य पहले, जीवन बाद में” का संकल्प निहित है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने इस अवसर पर कहा कि “हमारे शहीद साथियों ने देश की सुरक्षा और समाज की शांति के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। उनकी वीरता और बलिदान सदा हमारा मार्गदर्शन करेंगे।” कार्यक्रम में सेनानायक 39वीं वाहिनी पीएसी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन मनीष कुमार मिश्र, सभी क्षेत्राधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। यह दिन केवल शहीदों के स्मरण का नहीं, बल्कि उस शपथ का भी प्रतीक था जिसमें “कर्तव्य पहले, जीवन बाद में” का संकल्प निहित है।





